डिजिटल इंडिया के दावों की खुली पोल: नारायणपुर जिले के महिमागवाड़ी में 2-3 माह से बंद पड़ा मिनी जिओ टावर, 2 हजार ग्रामीण संचार व्यवस्था से कटे

महिमागवाड़ी नयापारा में 2-3 माह से बंद मिनी जिओ टावर, पढ़ाई, राशन, बैंकिंग, सीएससी और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार


[संवाददाता दीनू बघेल] नारायणपुर। एक ओर केंद्र और राज्य सरकार डिजिटल इंडिया, डिजिटल गांव और बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी के बड़े-बड़े दावे कर रही हैं, वहीं नारायणपुर जिले की जमीनी हकीकत इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत महिमागवाड़ी के नयापारा में लगा मिनी जिओ नेटवर्क टावर पिछले दो से तीन माह से तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ा है। नतीजा यह है कि करीब 1500 से 2000 ग्रामीण मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सुविधा से पूरी तरह वंचित हैं। इतना ही नहीं, आसपास के कई गांव भी इस समस्या की चपेट में हैं।नेटवर्क ठप होने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाने की स्थिति बने या किसी आपातकालीन परिस्थिति में मदद बुलानी हो, मोबाइल फोन बेकार साबित हो रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। राशन दुकानों का ई-पॉस सिस्टम, सीएससी सेंटर की सेवाएं, आय, जाति, निवास और जन्म प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों का ऑनलाइन कार्य भी पूरी तरह प्रभावित है।
ग्रामीणों का कहना है कि डिजिटल सुविधाएं केवल कागजों तक सीमित होकर रह गई हैं। वहीं ग्राम पंचायत के सरपंच रामेश्वर सलाम और ग्रामीण लिमचंद पटेल ने बताया कि पिछले दो से तीन माह से महिमागवाड़ी गांव में मिनी जिओ टावर बंद पड़ा है। समस्या के समाधान के लिए पहले जिओ कंपनी को एक दो बार शिकायत की गई। कंपनी की टीम गांव पहुंची, लेकिन तकनीकी खराबी दूर नहीं हो सकी समस्या जस की तस हैं। हालत यह है कि कई बार जरूरी कॉल तक नहीं लग पाती और आपात स्थिति में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आखिरकार मजबूर होकर वही ग्राम पंचायत के सरपंच सहित 30 से 40 ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा गया और तत्काल नेटवर्क चालू कराने की मांग की गई।
ग्रामीणों की शिकायत पर नारायणपुर कलेक्टर ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर कार्रवाई चाहिए। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब देश डिजिटल क्रांति की बात कर रहा है, तब आखिर नारायणपुर जिले के महिमागवाड़ी के ग्रामीण कब तक नेटवर्क के लिए तरसते रहेंगे? क्या जियो कंपनी और जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान करेंगे या फिर ग्रामीणों को यूं ही परेशानी झेलनी पड़ेगी?

देखना होगा कि खबर के प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदार अधिकारी और जिओ कंपनी कितनी तेजी से हरकत में आते हैं और कब तक महिमागवाड़ी नयापारा सहित आसपास के गांवों में नेटवर्क सेवा बहाल होती है।

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