नारायणपुर में केदार कश्यप बोले—वीबी जी राम जी योजना केवल नाम नहीं, विकास का रोडमैप

[संवाददाता, दीनू बघेल] नारायणपुर। नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में किए गए बड़े बदलावों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि वीबी जी राम जी योजना केवल मनरेगा का नाम बदलना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण रोजगार व्यवस्था का री-डिज़ाइन है, जिसका मकसद जवाबदेही, पारदर्शिता और स्थायी विकास सुनिश्चित करना है। मंत्री ने बताया कि नई योजना के तहत अब सिर्फ काम उपलब्ध कराना ही लक्ष्य नहीं होगा, बल्कि काम की गुणवत्ता, समय पर भुगतान और परिसंपत्तियों की उपयोगिता को भी अनिवार्य रूप से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि पहले कई क्षेत्रों में फर्जी जॉब कार्ड, अधूरे काम और भुगतान में देरी जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं, जिन्हें नई व्यवस्था में खत्म करने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने जानकारी दी कि वीबी जी राम जी योजना में तकनीक आधारित निगरानी सिस्टम, डिजिटल रिकॉर्ड और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को मजबूत किया गया है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और मजदूरों को उनका पूरा हक सीधे मिलेगा। इससे ग्रामीण स्तर पर विश्वास बहाली होगी और योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लोगों तक पहुंचेगा। और आगे कहा कि सरकार की मंशा सिर्फ अल्पकालिक राहत देने की नहीं, बल्कि गांवों में स्थायी आजीविका मॉडल विकसित करने की है। जल संरक्षण, ग्रामीण सड़क, कृषि आधारित संरचना और स्थानीय जरूरतों से जुड़ी परिसंपत्तियों पर विशेष फोकस किया जा रहा है, ताकि गांव खुद अपने संसाधनों पर खड़े हो सकें।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत करना अनिवार्य है और वीबी जी राम जी योजना इसी दिशा में एक बुनियादी बदलाव साबित होगी। प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री के बयान से यह साफ संकेत मिला कि सरकार अब ग्रामीण विकास योजनाओं में केवल खर्च नहीं, परिणाम को प्राथमिकता देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

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