नारायणपुर अबूझमाड़ के जंगलों से ITBP-DRG ने बरामद की 82 बीजीएल सेल।

आदिंगपार–कुमेरादी इलाके में सुरक्षा बलों की निर्णायक कार्रवाई।

[संवाददाता, दीनू बघेल] नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों ने एक बार फिर नक्सलियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) की 53वीं वाहिनी और जिला रिजर्व गार्ड (DRG) की संयुक्त कार्रवाई में आदिंगपार – कुमेरादी क्षेत्र के घने जंगलों से 82 नग बीजीएल सेल बरामद की गई हैं। माना जा रहा है कि नक्सली इन विस्फोटकों का उपयोग सुरक्षा बलों को निशाना बनाने या किसी बड़ी हिंसक घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। इस कार्रवाई को नारायणपुर जिले में नक्सल नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
नारायणपुर जिले के संवेदनशील और दुर्गम इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया, 53वीं वाहिनी ITBP के सेनानी संजय कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी संजय कुमार भारद्वाज तथा उप सेनानी प्रशांत सोनी के मार्गदर्शन में निरंतर नक्सल विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं। इन्हीं अभियानों के तहत सुरक्षा बलों ने नक्सलियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए रखी हुई है और जंगल क्षेत्रों में लगातार सर्च ऑपरेशन, गश्त और एरिया डॉमिनेशन की कार्रवाई की जा रही है। बता दे कि दिनांक 18 जनवरी 2026 को ITBP और DRG की संयुक्त टीम को गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी कि नक्सली तत्वों द्वारा आदिंगपार – कुमेरादी क्षेत्र के जंगलों में विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी गई है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संयुक्त ऑपरेशन की रणनीति बनाई गई। इसके बाद इलाके में सघन सर्च एवं एरिया डॉमिनेशन अभियान शुरू किया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके।

यह सर्च अभियान आईटीबीपी आदिंगपार ई-समावय के कंपनी कमांडर आज़ाद तथा डीआरजी के सहायक उप निरीक्षक नरेंद्र ठाकुर के नेतृत्व में संचालित किया गया। अभियान के दौरान जब संयुक्त टीम आदिंगपार और कुमेरादी के जंगल क्षेत्र में गश्त कर रही थी, तभी एक स्थान पर संदिग्ध झिल्ली दिखाई दी। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मौके पर रुककर इलाके की बारीकी से तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान 82 नग बीजीएल सेल बरामद की गईं, जिन्हें नक्सली आमतौर पर घात लगाकर हमला करने और गोलाबारी की घटनाओं में इस्तेमाल करते हैं। बरामदगी से यह साफ संकेत मिलता है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे। बरामद समस्त विस्फोटक सामग्री को मौके पर ही कानूनी प्रक्रिया के तहत जप्त कर लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह जांच कर रही हैं कि यह विस्फोटक सामग्री किस नक्सली संगठन की है इसे कब और किस उद्देश्य से यहां छिपाया गया किन क्षेत्रों में हमले की योजना थी, जप्त बीजीएल सेल को लेकर तकनीकी विश्लेषण और अग्रिम जांच की कार्यवाही जारी है।
आदिंगपार- कुमेरादी क्षेत्र से हुई यह बरामदगी न केवल सुरक्षा बलों की सतर्कता को दर्शाती है, यह भी साफ करती है कि नारायणपुर में नक्सलियों की जमीन लगातार खिसक रही है। यह कार्रवाई क्षेत्र में शांति, कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

 

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