NARAYANPUR: तिलका मांझी की शहादत से जुड़ा इतिहास, अभाविप की परिचर्चा में छात्रों से हुआ सीधा संवाद।


[संवाददाता, दीनू बघेल] नारायणपुर। आजादी की लड़ाई में आदिवासी समाज के योगदान को लेकर अक्सर उपेक्षित रहे वीर शहीद तिलका मांझी के शहादत दिवस पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने नारायणपुर में छात्र परिचर्चा के जरिए इतिहास के उस अध्याय को सामने रखा, जिसे लंबे समय तक हाशिये पर रखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत तिलका मांझी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद परिचर्चा में शामिल छात्रों और अभाविप कार्यकर्ताओं के बीच स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज की भूमिका को लेकर सार्थक संवाद हुआ। वक्ताओं ने बताया कि तिलका मांझी न केवल अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ उठने वाली पहली संगठित आवाज़ थे, बल्कि उन्होंने आदिवासी चेतना को राजनीतिक संघर्ष में बदल दिया।

अभाविप जिला संयोजक दिव्यांश जैन ने कहा कि तिलका मांझी का संघर्ष आज की पीढ़ी को अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देता है। वहीं नगर मंत्री अनुज पटेल ने कहा कि तिलका मांझी ने जिस तरह आदिवासी समाज को एकजुट कर ब्रिटिश शासन को चुनौती दी, वह उन्हें स्वतंत्रता संग्राम का अग्रदूत बनाता है। परिचर्चा के दौरान छात्रों ने सवाल-जवाब के माध्यम से तिलका मांझी के जीवन, बलिदान और उनके ऐतिहासिक महत्व को समझा। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि युवाओं को अपने इतिहास से जोड़कर सामाजिक चेतना और राष्ट्रबोध को मजबूत करना रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *